दक्षिण चीन सागर में कब्जे की साजिश रच रहे चीन को लंबी चुप्पी के बाद अमेरिका ने करारा जवाब देने की तैयारी कर ली है। गुरुवार को बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन ने दुनिया को चौंकाते हुए एक अहम कदम उठाया। अमेरिकी नेवी के सबसे हाईटेक और एडवांस्ड डेस्ट्रॉयर बेनफोल्ड को यहां तैनात कर दिया गया। अमेरिका के इस कदम से चीन बौखला गया। उसने कहा- हमने अपनी नेवी और एयरफोर्स को अलर्ट पर रखा है। वो अमेरिकी डेस्ट्रॉयर की निगरानी कर रहे हैं। हम अमेरिकी दबाव के आगे झुकने वालों में से नहीं हैं।
अमेरिका ने क्या कहा
बेनफोल्ड का अमेरिकी नेवी बहुत जरूरी होने पर ही इस्तेमाल करती है। यह गाइडेड मिसाइलों से लैस वॉरशिप है। यूएस नेवी ने एक बयान में कहा- समुद्र पर कोई अपना दावा नहीं जता सकता। इंटरनेशनल लॉ का सम्मान करना होगा। चीन समंदर में अपनी दादागीरी के जरिए दूसरे देशों की आजादी छीनने की कोशिश कर रहा है। उसके इरादे कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे।
USS बेनफोल्ड गुरुवार को पार्सेल आईलैंड्स पहुंचा। चीन इसे जीशा आईलैंड्स कहता है और इसे अपना इलाका बताता है। अमेरिकी नेवी की 7वीं फ्लीट के लेफ्टिनेंट मार्क लेंगफोर्ड बेनफोल्ड को लीड कर रहे हैं।
यह इलाका क्यों अहम
CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पार्सेल आईलैंड्स में करीब 130 छोटे द्वीप हैं। चीन यहां अपने लोगों को बसाकर पूरे इलाके पर कब्जा करना चाहता है। इससे फिलिपींस और वियतनाम जैसे छोटे देशों की आजादी खतरे में पड़ जाएगी। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां लंबे वक्त से चीन की हरकतों पर नजर रख रहीं थीं। चीन यहां कुछ कृत्रिम द्वीप बनाकर वहां सेना तैनात करना चाहता है।