भारतीय वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल जल्द, सिर्फ नए कोरोना वैरिएंट को बनाएगी निशाना

भारतीय वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल जल्द, सिर्फ नए कोरोना वैरिएंट को बनाएगी निशाना

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन पर पहले से मौजूद कोविड-19 वैक्सीन के असर को लेकर भले ही एक्सपर्ट्स में अलग-अलग तरह की राय है, लेकिन अब खास तौर पर इसी वैरिएंट को निशाना बनाने वाली वैक्सीन भी जल्द आ रही है। खास बात यह है कि ओमिक्रॉन को हराने वाली यह नई वैरिएंट-स्पेसिफिक वैक्सीन भारत में ही बनी है। पुणे की जिनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स ने इस नई तरह की वैक्सीन को तैयार किया है और जल्द ही इसके ह्यूमन ट्रायल शुरू होने जा रहे हैं।

वैरिएंट-स्पेसिफिक वैक्सीन देश की पहली mRNA टेक्नोलॉजी पर आधारित वैक्सीन है। बता दें कि इससे पहले यही कंपनी कोरोना के अब तक सबसे खतरनाक साबित हुए डेल्टा वैरिएंट के लिए भी ऐसी ही वैरिएंट स्पेसिफिक वैक्सीन बना चुकी है। हालांकि अभी इसके आखिरी फेज के ट्रायल के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

पहले जान लें, क्या होती है mRNA टेक्नोलॉजी?
mRNA या मैसेंजर-RNA जेनेटिक कोड का एक छोटा सा हिस्सा है, जो हमारे सेल्स (कोशिकाओं) में प्रोटीन बनाता है। इसे आसान भाषा में ऐसे भी समझ सकते हैं कि जब हमारे शरीर पर कोई वायरस या बैक्टीरिया हमला करता है, तो mRNA टेक्नोलॉजी हमारे सेल्स को उस वायरस या बैक्टीरिया से लड़ने के लिए प्रोटीन बनाने का मैसेज भेजती है। इससे हमारे इम्यून सिस्टम को जो जरूरी प्रोटीन चाहिए, वो मिल जाता है और हमारे शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है।

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