बैठे-बैठे सोने की आदत बन सकती है आपकी मौत का कारण

बैठे-बैठे सोने की आदत बन सकती है आपकी मौत का कारण

क्या आप काम करते वक्त अपनी डेस्क पर ही सो जाते हैं? कुछ देर की ये झपकी भले ही आपको आरामदायक लगती हो, लेकिन ये छोटी सी भूल आपकी जान की दुश्मन बन सकती है। लंबे समय तक बैठे-बैठे सोने से आपको गंभीर बीमारियों से लेकर मौत तक का खतरा हो सकता है। इसका कारण ज्यादा देर तक कोई शारीरिक गतिविधि न होना है।

बैठकर सोने से क्यों है मौत का खतरा?

सोने की पोजिशन आपके स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है। लंबे समय तक बैठकर सोने से आपकी नसों में संकुचन यानी डीप वेन थ्रोंबोसिस की स्थिति बन जाती है। इसमें शरीर के निचले हिस्सों, खासकर पैरों की नसों में खून के थक्के जमने लगते हैं।

यदि सही समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह समस्या जानलेवा बन सकती है। डीप वेन थ्रोंबोसिस के लक्षणों में पैर या एंकल में अचानक दर्द होना, पैर की त्वचा का लाल होना, पैर में सूजन होना, ऐंठन होना, झुनझुनी महसूस होना और पल्मोनरी इम्बॉलिज्म का खतरा होना शामिल हैं।

पल्मोनरी इम्बॉलिज्म एक ऐसी बीमारी है जिसमें अचानक से रोगी की तबीयत बिगड़ती है और कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो जाती है। सांस तेज हो जाना और रुक-रुक कर चलना, सीने में तेज दर्द और खांसी के साथ खून आना व अचानक से दिल की धड़कन बढ़ जाना पल्मोनरी इम्बॉलिज्म के लक्षण हैं।

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