आप लोगों से कोई अपेक्षा नहीं बची, सुधर जाइए, नहीं तो सुधारना आता है

आप लोगों से कोई अपेक्षा नहीं बची, सुधर जाइए, नहीं तो सुधारना आता है

छत्तीसगढ़ पुलिस के अफसरों पर मंगलवार का दिन भारी रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस के कामकाज की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भरी बैठक में कह दिया, मुझे अब आप लोगों से कोई अपेक्षा नहीं बची है। बार-बार कहने के बावजूद पुलिसिंग में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा, ‘मेरे सब्र की परीक्षा मत लीजिए। सुधर जाइये नहीं तो मुझे सुधारना आता है’। माना जा रहा है, इस चेतावनी के बाद पुलिस की शीर्ष जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। इसमें पुलिस महानिदेशक पद पर भी बदलाव की संभावना बन रही है।

बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नाराजगी चार वजहों से अधिक थी। इसमें सड़कों पर हो रही चाकूबाजी, जुआ-सट्‌टा का अवैध कारोबार, चिटफंड पर कार्रवाई में ढिलाई और ओडिशा से गांजा तस्करी रोक पाने में पुलिस की नाकामी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, किसी भी जिले में जुआ-सट्टा एवं अवैध कारोबार नहीं होना चाहिए। पुलिस अधिकारियों द्वारा अवैध कारोबारियों पर कड़ी निगरानी रख कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूछा कि उनके निर्देश के बाद भी जिलों में कानून-व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है। चाकूबाजी और गैंगवार की घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री ने कहा, लोगों में विश्वास और अपराधियों में भय व्याप्त करने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों में पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दिखनी चाहिए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चिटफंड कंपनियों के फरार संचालकों के विरुद्ध धीमी कार्रवाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, ऐसे लोगों को शीघ्र गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाए। चिटफंड संचालकों की संपत्तियों की नीलामी पर अपेक्षित प्रगति ना होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

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