मुंबई की अदालत ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नेता मोहित कंबोज की आपराधिक मानहानि शिकायत में मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ प्रोसेस (एक तरह का कानूनी समन) जारी किया है। मलिक को 29 नवंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है।
इसी तरह के एक अन्य मानहानि के केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवाब मलिक से मंगलवार तक जवाब तलब किया है। यह केस NCB के जोनल डायरेक्टर समीर के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े द्वारा दर्ज करवाया गया था। 10 नवंबर को फिर से इस केस की सुनवाई होगी।
मामले की सुनवाई जस्टिस जामदार की वैकेशन बेंच ने की है। उन्होंने मलिक को निर्देश देते हुए कहा, ‘अगर आप ट्विटर पर रिप्लाई कर सकते हैं, तो यहां भी जवाब दें।” हालांकि, कोर्ट ने मलिक के आगे किसी बयान पर रोक लगाने का आदेश जारी नहीं किया।’
अदालत ने कहा- मलिक द्वारा बोले शब्दों से कंबोज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची
मजिस्ट्रेट कोर्ट में भाजपा नेता ने मलिक के खिलाफ 100 करोड़ के आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करवाया था। अदालत ने आज इसे सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए नियम के अनुसार प्रोसेस जारी किया है। अदालत ने कंबोज की याचिका को सुनवाई के लिए एलिजिबल मानते हुए कहा कि शुरुआती रिपोर्ट में यह साबित होती है कि नवाब मलिक द्वारा बोले गए शब्दों ने कंबोज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। अब इस मामले में मलिक को अपना पक्ष रखना है। कंबोज ने 31 अक्टूबर को यह मुकदमा दर्ज करवाया था।