राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ से JCCJ विधायक और राजा देवव्रत सिंह (52) का बुधवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। दीपावली के अवसर पर वह अपने निवास पर ही थे। उन्होंने शाम तक लोगों से मुलाकात की और परिवार के सदस्यों से बातचीत करते रहे। देर रात करीब 3 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी।
सीने में दर्द होने पर उन्हें खैरागढ़ सिविल अस्पताल ले जा रहे थे। बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विधायक प्रतिनिधि यतेंद्र जीत सिंह और राजनांदगांव के सीएमएचओ मिशलेश चौधरी ने उनकी मौत की पुष्टि की है।
विधानसभा चुनाव 2018 से पहले ही देवव्रत सिंह ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCCJ) में शामिल हुए थे। खैरागढ़ सीट के विधायक होने के साथ ही उनकी पहचान एक ओजस्वी प्रवक्ता के रूप में थी। छत्तीसगढ़ की सियासत में उन्होंने काफी कम उम्र में ही एक अलग पहचान बना ली थी। सिंह के निधन की खबर के बाद से उनके समर्थकों में शोक की लहर है। सुबह से ही उनके निज निवास पर समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।
चार बार विधायक, एक बार सांसद रहे
विधायक देवव्रत सिंह खैरागढ़ विधानसभा सीट से चार बार विधायक निर्वाचित हुए। एक बार राजनांदगांव लोकसभा सीट से सांसद भी रहे। वह FCI (भारतीय खाद्य निगम) के अध्यक्ष भी थे। साथ ही कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे।