तीन कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर समेत दिल्ली के चार बॉर्डरों पर चल रहे किसान आंदोलन को आज, यानी 26 अक्टूबर को 11 महीने पूरे हो रहे हैं। सरकार और किसानों में 11 दौर की बातचीत हो चुकी है, जो बेनतीजा रही है। कानून रद्द करने की मांग जस की तस है। इस कड़ी में आज लखीमपुर हिंसा के आरोपी के पिता और गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी की बर्खास्तगी को लेकर पूरे देश में किसान प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली बॉर्डर पर सभाएं होंगी। किसान मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम एक ज्ञापन भेजा जाएगा।
11 महीनों में आंदोलन से जुड़े 605 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है। UP, उत्तराखंड, पंजाब में चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में यह किसान आंदोलन अब सरकार के गले की फांस बन सकता है। सरकार ने 22 जनवरी 2021 के बाद से किसानों से कोई वार्ता नहीं की है।
गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद रहेंगे राकेश टिकैत
संयुक्त किसान मोर्चा (UP) के मीडिया प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन के देशभर में जिला मुख्यालय और तहसीलों पर सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के बीच प्रदर्शन होंगे। कुछ पुलिस स्टेशनों पर भी धरने दिए जाएंगे। गाजीपुर बॉर्डर पर खुद भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धवले मौजूद रहेंगे।
गाजीपुर समेत सिंघु, टीकरी और शाहजहांपुर बॉर्डर पर भी सभाएं होंगी। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अफसरों को दिए जाएंगे। सभी जिलों-तहसीलों में एक जैसे ज्ञापन दिए जाएंगे। ज्ञापन का प्रारूप संयुक्त किसान मोर्चा ने भेज दिया है।