“हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है

“हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है

“हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है…”

ये डायलॉग अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया, लेकिन हिंदी सिनेमा के ऐसे कई यादगार संवादों के पीछे कादर खान की कलम थी। पर्दे पर अपनी अदाकारी और संवादों से कभी हंसाने, कभी रुलाने, तो कभी खलनायक बनकर डराने वाले कादर खान की निजी जिंदगी संघर्षों से भरी थी।

काबुल में जन्मे कादर खान का परिवार अनहोनी के डर से भारत आ गया। बॉम्बे के कमाठीपुरा की तंग गलियों में गरीबी का आल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *