पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में करीब 200 साल पुराने रामलीला मंदिर को तोड़ने की कोशिश की गई। आरोप है कि मंदिर की जगह कमर्शियल प्लाजा बनाने के लिए यह कदम उठाया गया।
हिंदू समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद स्थानीय प्रशासन ने शनिवार को मंदिर को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने इसे सील कर दिया।