ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ड्रोन से निगरानी के साथ हमला करने और दुश्मन के ड्रोन को नष्ट करने की क्षमता भी बढ़ा रही है। जुलाई से सितंबर के बीच जारी खरीद प्रस्तावों से पता चलता है कि सेना ड्रोन युद्ध से जुड़ी पूरी व्यवस्था मजबूत कर रही है।
इनमें दूर तक निगरानी, लक्ष्य पहचानने, एफपीवी ड्रोन से हमला या पेलोड गिराने, सैनिकों को ड्रोन की ट्रेनिंग और दुश्मन ड्रोन को खोजकर नष्ट करने वाला स्किल शामिल है।