अब इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV से यात्रा करने के साथ उसकी बैटरी का इस्तेमाल घर में बिजली सप्लाई करने के लिए भी कर सकते हैं। बॉम्बे की ग्रिड इंटीग्रेशन लैब ने IIT कैंपस में तीन साल तक प्रयोग किए। इस दौरान दिन में इलेक्ट्रिक कार सोलर पैनल से चार्ज होती और रात में एक प्रोफेसर के घर में बिजली सप्लाई करती।
इसने घर के सभी उपकरणों का लोड उठाया और प्रोफेसर के बिजली बिल में करीब 30% की कमी भी आई। EV की बैटरी से घर में बिजली सप्लाई करने को व्हीकल टू होम और वापस ग्रिड को बिजली भेजने को व्हीकल टू ग्रिड कहते हैं। IIT बॉम्बे ने देश में पहली बार यह प्रोजेक्ट बनाया।