जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ, तब मैं सुबह हनुमान मंदिर में था। मुझे पता था कि टीम दोपहर में घोषित होनी है। मंदिर से बाहर निकला तो कई मिस्ड कॉल और मैसेज थे। तभी टीममेट पार्थ साहनी का फोन आया। उन्होंने बधाई दी और बताया कि सिलेक्शन हो गया है।
पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। पार्थ ने मुझे स्क्रीनशॉट भी भेजा। अपना नाम देखकर मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया। कई सालों से मैं और मेरा परिवार इस पल का सपना देख रहे थे। वह मेरी जिंदगी के सबसे खुशी भरे पलों में से एक था।