नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संसद के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के जल्द क्रियान्वयन पर चर्चा की। यह प्रतिनिधिमंडल एंजेलिका नीबलर के नेतृत्व में भारत आया था। बैठक में दोनों पक्षों ने एफटीए को द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक निर्णायक कदम बताया।
भारत-ईयू के रिश्तों पर गोयल ने क्या कहा?
मंत्री गोयल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के रिश्ते तेजी से मजबूत हो रहे हैं और व्यापार, तकनीक, हरित ऊर्जा, कनेक्टिविटी, रक्षा, अंतरिक्ष, मोबिलिटी, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस समझौते को परिभाषित मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे दोनों पक्षों के व्यवसायों, एमएसएमई और कुशल पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापक एफटीए पर बातचीत इसी साल 27 जनवरी को पूरी हुई थी। यह समझौता वस्तुओं, सेवाओं और निवेश में व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ 2027 की शुरुआत तक लागू होने की उम्मीद है।
इस एफटीए से भारत को कैसे फायदा होगा?
उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह एफटीए भारत की अर्थव्यवस्था के नए क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। खासतौर पर इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस है, जहां भारत 300 अरब डॉल