नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय की जांच में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी अस्पताल संचालकों ने असली ‘आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना’ के लाभार्थियों को अपने झांसे में फंसाया। उन्हें तीन सौ रुपये देकर फर्जी मरीज बनाया। अस्थायी अस्पताल में उनके फोटो खींचे। उसके बाद उन फोटो को विभाग की साइट पर अपलोड किया। यह दिखाया कि वे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। आरोपियों ने सरकारी योजना के तहत मिलने वाली राशि हड़पने के लिए 778 नकली दावे तैयार किए। ऐसा कर उन्होंने 64 लाख रुपये की आपराधिक आय जुटा ली। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अंतरिम कुर्की आदेश (पीएओ) जारी कर असम के हैलाकांडी स्थित शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के स्वामी मोबजिल हुसैन बरभुइया की लगभग 55.33 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह मामला आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी ने असम के हैलाकांडी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और आरोपपत्र संख्या के आधार पर इस मामले की जांच शुरु की है। ईडी की जांच में पता चला कि एबी-पीएमजेएवाई योजना के तहत सूचीबद्ध शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, हैलाकांडी ने लाभार्थियों को कोई वास्तविक चिकित्सा उपचार प्रदान किए बिना ही 22.04.2019 से 05.11.2022 की अ