नई दिल्ली। शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया लगातार दबाव में रहा और 41 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.94 के अपने नए ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत डॉलर ने रुपये को कमजोर कर दिया है। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 93.84 पर खुला और जल्द ही गिरकर 93.94 के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर 93.53 के मुकाबले 41 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इससे पहले शुक्रवार को भी रुपया पहली बार 93 के पार गया था और 64 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ था।
तेल और डॉलर का दोहरा दबाव
फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने रुपये पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। भारत खाड़ी देशों से आयात होने वाले तेल पर अब प्रति बैरल करीब 50 डॉलर अधिक चुका रहा है, जिससे आयात बिल बढ़ा है और डॉलर की मांग तेज हुई है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, बाजार में डॉलर की भारी मांग के चलते रुपया तेजी से गिरा है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अलग-अलग स्तरों पर मौजूद रहा, लेकिन उसने रुपये को गिरने दिया क्योंकि डॉलर की डिमांड काफी ज्यादा थी।