तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने अब नया मोड़ ले लिया है। ईरान के दो बड़े हमलों ने न सिर्फ क्षेत्रीय संतुलन बिगाड़ा है, बल्कि अमेरिका की रणनीति को भी हिला दिया है। कतर के गैस प्लांट पर हमला और हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया जैसे सुरक्षित सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश ने ट्रंप को कहीं न कहीं एक झटका जरूर दे दिया है। यह दोनों इतने बड़े कारण हैं कि ट्रंप को अब युद्ध खत्म करने की बातें कहनी पड़ रही है। ऐसे में आइए विस्तार से समझते हैं, कि ट्रंप इरान के इन दो वार से कैसे नरम पर गए। ट्रंप को पहला बड़ा झटका तब लगा जब ईरान ने कतर के रास लाफान गैस हब पर मिसाइल हमला किया। यह दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी उत्पादन केंद्रों में से एक है और वैश्विक गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा यहीं से आता है। इस हमले से उत्पादन क्षमता करीब 17 प्रतिशत तक घट गई और अरबों डॉलर का नुकसान हुआ। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार भी हिल गया।
कतर हमले से अमेरिका को कैसे नुकसान?
कतर के गैस प्लांट में अमेरिकी कंपनियां शामिल, इसलिए सीधा आर्थि