दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। वहीं, इससे पहले 26 मार्च से पाकिस्तान सुपर लीग की भी शुरुआत हो जाएगी। फैंस इस बात से हैरान हैं कि जब आईसीसी ने मार्च से मई का विंडो आईपीएल के लिए दिया है, ताकि विदेशी खिलाड़ी खुलकर खेल सकें, उस समय में पाकिस्तानियों ने पीएसएल करवाने की सोची भी कैसे। ऐसा इसलिए क्योंकि पूरी दुनिया के बड़े स्टार्स इस लीग में खेलते हैं, जबकि पीएसएल में ज्यादातर वो खिलाड़ी होते हैं, जो या तो आईपीएल का हिस्सा नहीं होते यानी ऑक्शन में नहीं बिके होते हैं, या फिर रिटायर हो चुके या फिर फुस्स होते हैं। पाकिस्तान के पास कप्तानों की भी ऐसी ही फहरिस्त है, जो या तो रिटायर हो चुके हैं या फिर अपने-अपने देश के लिए टी20 में फुस्स हैं। आइए आईपीएल और पीएसएल में कप्तानों की तुलना करते हैं…
IPL में पूरी तरह भारतीय और दमदार नेतृत्व
आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने इस बार घरेलू खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा दिखाया है। सभी टीमों ने भारतीय कप्तानों को मौका दिया है, जो यह दर्शाता है कि भारत में नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार हो चुकी है। आईपीएल में हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे युवा और अनुभवी भारतीय खिलाड़ियों पर भरोसा जताया गया है। श्रेयस अय्यर, ऋतुराज गायकवाड़ और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों को लीड कर रहे हैं और युवा कप्तानों की यह लिस्ट काफी मजबूत नजर आती है। हार्दिक, अक्षर और ईशान हाल ही में टी20 विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा रहे थे। गिल और ऋतुराज के टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक-एक शतक हैं। श्रेयस वनडे के खतरनाक बल्लेबाज माने जाते हैं और टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका औसत 30+ का और स्ट्राइक रेट 136 से ज्यादा का है। पंत 2024 में टी20 विश्वकप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।
ईशान किशन: सनराइजर्स हैदराबाद के स्टैंड-इन कप्तान बनाए गए हैं, क्योंकि नियमित कप्तान पैट कमिंस चोटिल हैं। उन्हें 11.25 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया। वह आईपीएल में कप्तानी संभालने वाले आठवें विके