वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया के आसमान में फाइटर जेट्स मंडरा रहे हैं। अमेरिका और इजराइल की ईरान पर स्ट्राइक के बाद अब इसका सबसे बुरा असर अमेरिका पर ही दिखने लगा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक रणनीति आज उनके लिए गले की फांस बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने अपने देश के स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को भरने का मौका गंवा दिया है। जब तेल की कीमतें कम थीं, तब ट्रंप प्रशासन ने खजाना नहीं भरा और अब जब ईरान के साथ युद्ध जारी है, तो अमेरिका के पास इमरजेंसी के लिए पर्याप्त तेल नहीं बचा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इस समय एक बड़े ‘ऑयल शॉक’ की दहलीज पर खड़ा है। आम जनता पर इसका बोझ पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के रूप में दिखने लगा है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व यानी एसपीआर साल 1974 में बनाया गया था। इसका मकसद किसी भी बड़े युद्ध या संकट के समय देश में तेल की सप्लाई को बनाए रखना था। जो बाइडन ने अपने कार्यकाल के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध के समय पेट्रोल की कीमतें कंट्रोल करने के लिए इस रिजर्व से भारी मात्रा में तेल निकाला था। ट्रंप ने सत्ता में आते ही वादा किया