नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने विशाखापट्टनम पोर्ट पर खड़े विदेशी बल्क कैरियर एमवी पोलर स्टार को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई लातवियाई शिप मैनेजमेंट कंपनी द्वारा जहाज मालिकों के खिलाफ बकाया भुगतान के विवाद के चलते हुई। कंपनी का दावा है कि जहाज मालिक ने मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट के तहत देय रकम का भुगतान नहीं किया, जो करीब 8.33 लाख डॉलर 7.6 करोड़ रुपए से ज्यादा है। कोर्ट ने एडमिरल्टी जूरिस्डिक्शन का इस्तेमाल करते हुए जहाज को तब तक डिटेन रखने का निर्देश दिया जब तक मालिक दावा राशि जमा या स्वीकार्य सिक्योरिटी पेश नहीं करते।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री कानून के मुताबिक जहाज की गिरफ्तारी का मतलब यह नहीं कि जहाज को जब्त कर लिया गया है, बल्कि उसे बंदरगाह से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जाती है। यह कदम विवादित राशि की वसूली के लिए उठाया जाता है। जहाजों का ऑपरेशन महंगे और दैनिक रूप से लाखों डॉलर का होता है, इसलिए डिटेंशन मालिकों पर वित्तीय दबाव डालता है। इस मामले में कोर्ट ने साफ किया कि जहाज का पूरा ढांचा, इंजन, मशीनरी, उपकरण, फर्नीचर, ईंधन और अन्य तकनीकी सामान अरेस्ट के दायरे में होंगे, हालांकि कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग जारी रह सकती है।