भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संभागीय आयुष चिकित्सा कार्याशाला और वैज्ञानिक संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें स्वस्थ्य रहने के लिए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति और प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। हमारी वर्तमान समय की तेज और अव्यवस्थित जीवनशैली के कारण शरीर कई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जुझ रहा है। एलोपैथी चिकित्सा से हमें तत्काल राहत मिलती है लेकिन रोगों का स्थाई उपचार आयुर्वेद पद्धति से होता है। हमने यदि आयुर्वेद के सिद्धांतों और योग्य को अपना लिया तो शरीर पर रोगों का प्रकोप भी नहीं होगा। इसी तरह पर्यावरण की सुरक्षा और माटी का स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना आवश्यक है। प्राकृतिक खेती से ही मिट्टी और मानव दोनों स्वास्थ्य सुधरेगा। अच्छी और स्वस्थ्य मिट्टी में बिना रासयन के ली गयी फसल ही हमें सच्चे पोषक तत्व देगी। बसामन मामा गौअभयारण्य में प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित किया गया है। यहां आयुर्वेद विभाग को औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की खेती के लिए 2 एकड़ जमीन दी जा रही है। इसमें विन्ध्य की जड़ी-बूटियों की खेती करें। समारोह का आयोजन ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय सभागार में किया गया।