रणजी ट्रॉफी के फाइनल में बड़ा बवाल देखने को मिला है। जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच हुबई में खेले जा रहे इस मुकाबले में तब विवाद बढ़ गया, जब जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने कर्नाटक के फील्डर को सिर दे मारा। इसके बाद बीच
रणजी ट्रॉफी फाइनल में गरमाया माहौल यह घटना रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल मुकाबले के दूसरे दिन घटी। जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा टीम की पारी के दौरान 101वें अपना आपा खो बैठे और कर्नाटक के एक फील्डर से भिड़ गए। उनको ऐसा करते देख फुटबॉल के महान खिलाड़ी जिनेदिन जिदान की याद आ गई। फ्रांस के इस दिग्गज फुटबॉलर ने 2006 फीफा विश्वकप फाइनल में इटली के खिलाड़ी को सिर दे मारा था। इससे उन्हें रेड कार्ड मिला था। फ्रांस की टीम उस फीफा विश्वकप के फाइनल में हार गई थी।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
डोगरा ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर चौका जड़ा। गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर स्लिप में चार रन के लिए गई। हालांकि, गेंद स्लिप क्षेत्र में खड़े फील्डर के बस बगल से गुजरी। इसके तुरंत बाद स्ट्राइकर एंड पर खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। स्टंप माइक में भी कुछ तीखी बातें सुनाई दीं। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और डोगरा और कर्नाटक के फील्डर केवी अनीश के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। इसी दौरान पारस ने अनीश के हेल्मेट पर सिर मारा। इससे पहले कि अंपायर बीच-बचाव करते, कर्नाटक के सीनियर बल्लेबाज मयंक अग्रवाल दोनों खिलाड़ियों के बीच आ गए और स्थिति को संभालने की कोशिश की।
स्लेजिंग बनी वजह?
माना जा रहा है कि लगातार की जा रही स्लेजिंग से डोगरा नाराज हो गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोगरा ने बाद में अनीश से सिर मारने के लिए माफी भी मांगी, लेकिन कर्नाटक के खिलाड़ी ने उसे स्वीकार नहीं किया। इस घटना के बाद कर्नाटक के फील्डर और ज्यादा आक्रामक हो गए और डोगरा का ध्यान भटकाने की कोशिश करते रहे। मैच अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराया और दोनों टीमों के खिलाड़ियों से बात की।