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हरे निशान पर खुला भारतीय शेयर बाजार; सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा, निफ्टी 25700 के पार

हरे निशान पर खुला भारतीय शेयर बाजार; सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा, निफ्टी 25700 के पार

भारतीय शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजारों में तेजी के चलते बैंक और सेवा क्षेत्र के शेयरों में जोरदार खरीदारी के कारण सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ खुले। विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक भावना अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से प्रभावित हुई है जिसने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया और उन्हें अवैध करार दिया, एक ऐसा कदम जो वैश्विक व्यापार की गतिशीलता को काफी हद तक बदल सकता है। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 621.78 अंक बढ़कर 83,436.49 पर पहुंच गया; निफ्टी 180.05 अंक बढ़कर 25,751.30 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में अदानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पावरग्रिड प्रमुख लाभ कमाने वाले शेयर थे। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंडिगो और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद ट्रंप के टैरिफ का मामला और भी पेचीदा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला वास्तव में एक ऐतिहासिक निर्णय है जो ट्रंप की टैरिफ को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति पर गंभीर प्रभाव डालेगा।उन्होंने कहा कि धारा 122 के तहत लगाए गए नए 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ को भी अदालतों में चुनौती दी जाएगी और इस फैसले के रद्द होने की संभावना अधिक है क्योंकि धारा 122 अमेरिकी राष्ट्रपति को भुगतान संतुलन के गंभीर संकट से निपटने के लिए टैरिफ लगाने की अनुमति देती है, जो कि अमेरिका को अभी नहीं है। बदले हुए परिदृश्य को देखते हुए भारत ने पहले ही अपनी व्यापार वार्ता टीम की अमेरिका यात्रा स्थगित कर दी है। यह एक स्वागत योग्य कदम है।विजयकुमान ने कहा कि बाजार के नजरिए से देखें तो अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला वाकई सकारात्मक है, लेकिन यह बाजार में लगातार तेजी लाने के लिए काफी नहीं है। बाजार में सिर्फ राहत की लहर आएगी, जिसके टिकने की संभावना कम है। बाजार की प्रतिक्रिया सिर्फ बुनियादी कारकों पर निर्भर करेगी, जो सौभाग्य से सुधर रहे हैं।

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