म्यूनिख। भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापार समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय गलियारों में जारी अटकलों पर अब विराम लग गया है। पिछले कुछ समय से रक्षा और कूटनीतिक विशेषज्ञों के बीच यह दावा किया जा रहा था कि इस डील के बदले अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीद बंद करने का दबाव बनाया है। हालांकि, म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयान और भारतीय विदेश मंत्रालय के स्पष्ट रुख ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह साफ हो गया है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं करेगा और रूस से तेल की खरीद जारी रहेगी।