पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से गहराते आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में बढ़ता बाहरी कर्ज, सुस्त आर्थिक वृद्धि और कमजोर संरचनात्मक सुधार, जो दशकों की खराब शासन व्यवस्था और बाहरी वित्तपोषण पर अत्यधिक निर्भरता का नतीजा हैं। यह देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बना रहे हैं।
पाकिस्तान का कुल कर्ज 134 अरब डॉलर तक पहुंचा
वन वर्ल्ड ऑउटलुक में प्राकिशत लेख के अनुसार पाकिस्तान का कुल बाहरी कर्ज 2025 के अंत तक लगभग 134 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश को 23-26 अरब डॉलर के बाहरी ऋण सेवा (मूलधन और ब्याज सहित) का सामना करना है, जिससे भुगतान संतुलन पर गंभीर दबाव है।