इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने अपनी एनुअल रिपोर्ट (2024-25) में बीमा क्षेत्र में पॉलिसी मिस-सेलिंग पर चिंता जताई है। रेगुलेटर ने कंपनियों को निर्देश दिया कि वे कारणों की पहचान के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ (RCA) करें।
मिस-सेलिंग का मतलब ग्राहकों को बिना पूरी जानकारी दिए, नियम-शर्तों को छुपाकर या उनकी जरूरत के उलट गलत पॉलिसी बेचना है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने भी बैंकों और बीमा कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे ग्राहकों को गलत पॉलिसी न बेचे।
कुल शिकायतों में से 22% मामले गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के
IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ दर्ज होने वाली कुल शिकायतों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है।
- FY25 का डेटा: साल 2024-25 में कुल 1,20,429 शिकायतें दर्ज हुईं, जो पिछले साल (1,20,726) के लगभग बराबर हैं।
- UFBP शिकायतें: अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस (UFBP) यानी गलत तरीके से कारोबार करने की शिकायतें 23,335 से बढ़कर 26,667 हो गई हैं।
- हिस्सेदारी बढ़ी: कुल शिकायतों में गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के मामलों की हिस्सेदारी 19.33% से बढ़कर अब 22.14% हो गई है।