विदेशी निवेशकों का भरोसा भारत से लगातार कम हो रहा है. जिसका सुबूत भारत से विदेशी निवेशकों की बिकवाली से साफ देखने को मिल सकता है. साथ ही शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. अमेरिकी फेड दिसंबर के महीने में एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती के संकेत दे रहा है. इन तमाम प्रेशर्स के बाद भी रुपए में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिल रही है. वैसे रुपए में तेजी का सबसे अहम कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और दुनिया के कई देशों के साथ भारत की पॉजिटिव ट्रेड भी रुपए को काफी हद तक सपोर्ट करती हुई दिखाई दे रही है. इसके अलावा आरबीआई का इंटरवेंशन भी रुपए को सहारा दे रहा है. सोमवार को रुपए में 50 पैसे की तेजी देखने को मिली थी. जबकि शुक्रवार को रुपए में तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. आइए