लंदन । अभी तक भारत को दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक माना जाता था, वहीं इस रिपोर्ट के अनुसार मानव सभ्यता की शुरुआत का श्रेय अब ईरान को दिया गया है। विश्व जनसंख्या मूल्यांकन की ताज़ा रिपोर्ट ने इतिहास के अध्ययन में एक नया मोड़ जोड़ दिया है। अध्ययन में बताया गया है कि ईरान, जिसे प्राचीन काल में फारस के नाम से जाना जाता था, मानव बस्तियों का सबसे पुराना केंद्र रहा है। यहां मानव जीवन के साक्ष्य एक लाख साल से भी पुराने मिले हैं, जो यह संकेत देते हैं कि सभ्यता की जड़ें इसी क्षेत्र में सबसे पहले फली-फूलीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान का इतिहास एलामाइट सभ्यता से जुड़ा है, जिसकी शुरुआत लगभग 2700 ईसा पूर्व में हुई थी। यह सभ्यता मानव इतिहास की शुरुआती संगठित बस्तियों में से एक मानी जाती है, जहां लोगों ने पहली बार समूह में रहना, खेती करना और व्यापारिक गतिविधियां शुरू की थीं। पुरातत्वविदों को यहां खुदाई के दौरान कई प्राचीन नगरों, मिट्टी के बर्तनों, लिपियों और धार्मिक अवशेषों के प्रमाण मिले हैं। इन खोजों से यह साफ होता है कि ईरान न केवल मानव बसावट का प्रारंभिक केंद्र रहा, बल्कि इसने समाज के संगठन और संस्कृति की नींव भी रखी।
अध्ययन के अनुसार, ईरान के विभिन्न हिस्सों में एक लाख वर्ष पहले से मानव रह रहे थे। यह निष्कर्ष उन जीवाश्मों और पत्थर के उपकरणों के विश्लेषण पर आधारित है जो वहां की पुरातात्विक खुदाइयों में मिले हैं। भारत, जिसे सदियों से अपनी प्राचीनता और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, इस सूची में सातवें स्थान पर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय उपमहाद्वीप में संगठित बस्तियों का विकास लगभग 2000 ईसा पूर्व में हुआ, जब सिंधु घाटी सभ्यता अपने उत्कर्ष पर थी। हरप्पा और मो