नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Upendra Dwivedi) ने मंगलवार को कहा कि जटिल खतरों (Complex Threats) की दुनिया में कोई भी देश अकेला सुरक्षित नहीं है और साझा रक्षा नवाचार ही सबसे मजबूत ढाल है. रक्षा क्षेत्र के थिंक टैंक भारत शक्ति (Think Tank Bharat Shakti) की ओर से आयोजित ‘इंडिया डिफेंस कॉन्क्लेव 2025’ में अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ‘ढाई मोर्चों की चुनौती’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद के सशक्तीकरण’ से सशस्त्र बलों (Armed Forces) को क्रमिक विकास और नई सैन्य प्रणालियों के समावेश में अधिक लचीलापन प्राप्त हुआ है.
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी वाले सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपने 20 मिनट के संबोधन में उन्होंने युद्ध की बदलती प्रकृति, दक्षता विकास, रक्षा अनुसंधान और विकास में निवेश