बसों की ओवरलोडिंग पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, CJI गवई ने कहा- हर मुद्दे को लेकर

बसों की ओवरलोडिंग पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, CJI गवई ने कहा- हर मुद्दे को लेकर

नई दिल्ली: बसों (Bus) की ओवरलोडिंग (Overloading) के खिलाफ याचिका (Petition) सुनने से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मना कर दिया है. चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को सरकार को ज्ञापन देना चाहिए. हर विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आना जरूरी नहीं है. याचिका में ओवरलोडिंग से यात्रियों के जीवन को खतरे और माल ढुलाई से सरकार को हो रहे राजस्व के नुकसान का हवाला दिया गया था. याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि कोर्ट सरकार को बसों का वजन जांचने की व्यवस्था बनाने को कहे. बसों के ऊपर कैरियर लगा कर माल ढोने पर रोक लगाई जाए.

वकील संगम लाल पांडे की याचिका में कहा गया था कि वह मोटर वेहिकल्स एक्ट, 1988 और सेंट्रल मोटर वेहिकल्स रूल्स, 1989 के पालन की मांग कर रहे हैं. पूरे देश में बेरोकटोक यात्री बसों में अधिक वजन ढोया जा रहा है. बसों में या

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