मुंबई: इंडियन पॉप सिंगर और एक्ट्रेस ध्वनि भानुशाली आलोचनाओं के बावजूद खुद को मजबूत बनाए रखती हैं। अमर उजाला से बातचीत में ध्वनि ने बताया कि उन्होंने अपने भीतर की रोशनी से डर और मुश्किलों को कैसे हराया। पढ़िए ध्वनि की कहानी, उन्हीं की जुबानी…
बारिश के बावजूद चार हजार लोग नाच रहे थे
‘अपने अंदर के उजाले की बात करूं तो मुझे एक किस्सा याद आता है। बेंगलुरु में मेरा एक कॉन्सर्ट था। वहां बहुत बारिश हो रही थी इसके बावजूद, करीब 3 से 4 हजार लोग नाच रहे थे और मुझे चीयर कर रहे थे। उनकी एनर्जी इतनी जबरदस्त थी कि ऐसा लगा जैसे हर तरफ उजाला फैल रहा हो। उस पल मुझे लगा कि जब हमारी एनर्जी सही जगह लगे, तो यह जिंदगी को और खूबसूरत बना देती है।’
नवरात्रि हमेशा से मेरे लिए खास रही है
‘यही एहसास मुझे नवरात्रि के वक्त भी होता है। नवरात्रि हमेशा से मेरे लिए खास रही है। मैंने कभी नवरात्रि का कॉन्सर्ट नहीं किया, लेकिन गरबा कई बार खेला है। भीड़ के साथ नाचते हुए जो खुशी और एनर्जी मिलती है, वह किसी जादू से कम नहीं। इस बार मैं चाहती हूं कि स्टेज से ही पूरा उत्सव महसूस करूं और सभी के साथ वो खुशी बाटूं।’