क्वेटा बलूचिस्तान की प्रांतीय सरकार ने कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए पूरे प्रांत में धारा 144 की अवधि 15 दिनों के लिए और बढ़ा दी है। इस अवधि में हथियारों का प्रदर्शन और उपयोग, मोटरसाइकिल पर डबल सवारी, काली शीशे वाली गाड़ियां, बिना पंजीकरण वाली मोटरसाइकिलें, तथा पांच या अधिक लोगों के जमावड़े, धरना, जुलूस और रैली पर प्रतिबंध रहेगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकना, खासकर मफलर, मास्क या किसी भी अन्य तरीके से पहचान छिपाना भी पूरी तरह वर्जित होगा।
नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के केंद्रीय प्रवक्ता शाहजेब बलोच ने इन प्रतिबंधों को असंवैधानिक करार दिया और पत्रकार वार्ता में कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान और देशभर के अन्य वंचित समूहों के कार्यकर्ताओं को न केवल परेशान किया जा रहा है बल्कि उन्हें जबरन गायब करने जैसी गंभीर रणनीतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।शाहजेब ने कहा कि सरकार को चाहिए कि सभी लापता बलोच और अन्य पीड़ितों को वापस लाने की व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता पर आरोप है तो उसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए, लेकिन पूरे समुदाय को सामूहिक सजा देना जातीय और राष्ट्रीय शुद्धिकरण की तरह है और औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है।