रिपोर्ट का दावा: प्रस्तावित दर परिवर्तन से ऑटो सेक्टर में दिखेगा बूम

रिपोर्ट का दावा: प्रस्तावित दर परिवर्तन से ऑटो सेक्टर में दिखेगा बूम

व्यापार: वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) की दरों में संभावित कटौती लागू होने पर भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की मांग में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। अगले महीने दरों में प्रस्तावित बदलाव की घोषणा होने की संभावना है। घोषणा के बाद दोपहिया वाहनों (2W) और छोटे यात्री वाहनों (PV) को सबसे अधिक लाभ होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी जेफरीज ने यह दावा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी दर में कटौती से अधिकांश वाहनों के लिए कर स्लैब 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत और ट्रैक्टरों के लिए 12 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत हो जाएगी। इससे सड़क पर वाहनों की कीमतें 6-8 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं। जेफरीज ने कहा, “बाजार के सामर्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा और मांग को भी बढ़ावा मिलेगा।” इस कटौती के लिए वित्तपोषण तंत्र में तंबाकू, कोयला, एसयूवी और वातित पेय पदार्थों जैसी वस्तुओं पर “जीएसटी उपकर” को जीएसटी में परिवर्तित करना और कर के दायरे में नई वस्तुओं को जोड़ना शामिल है।

दोपहिया वाहनों, जिन पर वर्तमान में 28-31 प्रतिशत कर लगता है, और सब-4 मीटर कारों, जिन पर लगभग 29-31 प्रतिशत कर लगता है, को सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है। बड़ी एसयूवी, जिन पर वर्तमान में 45 से 50 प्रतिशत कर लगता है, को भी कुछ राहत मिल सकती है, और प्रभावी दरें संभावित रूप से 40 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं।

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