यह बात अरुणा ईरानी ने एक इंटरव्यू के दौरान कही थी। आज भले ही अरुणा ऐशो-आराम की जिंदगी जी रही हों, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनके घर में खाने तक के लाले थे।
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए महज 9 साल की उम्र में ही उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। धीरे-धीरे सफलता भी मिली, लेकिन फिर महमूद संग प्यार की खबरों ने करियर बर्बाद कर दिया। हालांकि इन सभी मुश्किलों से लड़ते हुए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई।