सेराज घाटी में बाढ़ जैसे हालात, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद
शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर फिर शुरू हो गया है। राज्य के पांच जिलों में भारी बारिश के रेड अलर्ट जारी है। इस बीच चंबा में लैंडस्लाइड से एक किशोरी और व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, आपदा से जूझ रहे मंडी जिले की सेराज घाटी में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कुल्लू और सिरमौर जिले में जगह-जगह लैंडस्लाइड हुआ। वहीं, भूस्खलन से चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया। मंडी जिले के थुनाग क्षेत्र में प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीसी ने अधिसूचना जारी की है।
जानकारी के मुताबिक मंडी-मनाली नेशनल हाईवे पर 4 मील और होटल मून के पास भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है। प्रशासन ने कुल्लू की ओर जाने वाले यात्रियों से कटौला-कटिंडी मार्ग के उपयोग की अपील की है। मनाली और इसके आसपास के इलाकों में दो दिन की राहत के बाद फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। कुल्लू जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
औट-लुहरी नेशनल हाईवे-305 आनी उपमंडल में झेड़ के पास सड़क धंसने से यातायात बाधित हो गया है। वहीं सैंज घाटी के रोपा-सैंज मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण रास्ता बंद हो गया है।
सिरमौर जिले में भी हालात गंभीर हैं। लगातार बारिश के चलते गिरी नदी का जलस्तर बढ़ने से गिरी जटोन डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी है। एनएच-707 पर पांवटा साहिब-शिलाई मार्ग पर उतरी गांव के पास भूस्खलन हुआ है, जिससे यह मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। चंबा जिले के राजनगर इलाके की ग्राम पंचायत चढ़ी के गांव सूताह में भारी बारिश के कारण एक भारी पत्थर गिरने से एक किशोरी व व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।