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डबल ग्रेव मिस्ट्री: खेत में छिपी थी 49 लाशें, पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

डबल ग्रेव मिस्ट्री: खेत में छिपी थी 49 लाशें, पुलिस जांच में बड़ा खुलासा




काहिरा। अमेरिका और यूरोप में अच्छी जिंदगी की चाहत में लोग अपना वेतन छोड़ जाते हैं। मगर उनकी मुश्किलें काम नहीं होती हैं। अवैध रास्तों में उन्हें यातनाओं का सामना करना पड़ा है। कई बार उन्हें मौत के घाट भी उतरना पड़ता है। प्रवासियों से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली खबर लीबिया से सामने आ रही हैं। यहां पुलिस को दो कब्र मिली हैं। इनमें 59 प्रवासी लोगों के शव दफन है।

पहली कब्र में 19 शव मिले
लीबिया के अधिकारियों के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी रेगिस्तान में दो सामूहिक कब्रों से करीब 49 शव मिले हैं। सभी शव यूरोप जाने वाले प्रवासियों के हैं। सुरक्षा निदेशालय ने कहा कि पहली सामूहिक कब्र शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी शहर कुफरा में एक खेत में मिली है। इसमें 19 शव दफन हैं। फेसबुक में पोस्ट तस्वीरों में पुलिस अधिकारी और चिकित्सक रेत में खुदाई करते दिख रहे हैं। कब्र से शवों को निकाला जा रहा है।

दूसरी कब्र में 30 लाशें मिलीं
कहना है कि कब्र में दफनाने से पहले कुछ लोगों को गोली मारी गई। कुफरा में सुरक्षा कक्ष के प्रमुख मोहम्मद अल-फदील ने बताया कि मानव तस्करी केंद्र पर छापा मारने के बाद कुफरा में एक कब्र और मिली है। इसमें 30 शव दफन मिले हैं। उन्होंने कहा कि जीवित बचे लोगों ने बताया कि लगभग 70 लोग कब्र में दफन थे। पूरे इलाके में पुलिस तलाशी अभियान में जुटी है।

76 प्रवासियों को कराया गया मुक्त
रविवार को लीबिया के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने तस्करी केंद्र से 76 प्रवासियों को मुक्त कराया है। तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। बता दें कि लीबिया में पहले भी सामूहिक कब्रें मिल चुकी हैं। पिछले साल अधिकारियों ने राजधानी त्रिपोली से 350 किलोमीटर दक्षिण में शुआरिफ क्षेत्र में 65 प्रवासियों के शवों को कब्र से निकाला था।

दुष्कर्म और प्रताड़ना का शिकार हो रहे प्रवासी
अफ्रीका और मध्य पूर्व से यूरोप जाने वाले लोग लीबिया के रास्ते आगे बढ़ते हैं। मगर यहां उनको प्रताड़ित किया जाता है। पिछले एक दशक से लीबिया में अस्थिरता का माहौल है। मानव तस्कर इसी का फायदा उठा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के मुताबिक लीबिया में प्रवासियों के साथ मारपीट, दुष्कर्म और दुर्व्यवहार किया जाता है, ताकि प्रवासी परिवारों से अच्छी खासी रकम ऐंठी जा सके। उन्हें छोटी-छोटी नावों में भरकर खतरनाक भूमध्य सागर मार्ग से यूरोप भेजा जाता है।

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