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डोनाल्ड ट्रंप का नया टैरिफ फैसला, भारत पर क्या होगा असर? वित्त मंत्री ने किया खुलासा

डोनाल्ड ट्रंप का नया टैरिफ फैसला, भारत पर क्या होगा असर? वित्त मंत्री ने किया खुलासा

रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘टैरिफ वॉर’ छेड़ दी है। अमेरिका ने मेक्सिको, कनाडा और चीन पर टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है।

ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा से आने वाले सामानों पर 25 फीसदी और चीन से इंपोर्ट पर 10 फीसदी का टैरिफ लगाने का फैसला किया है। ट्रंप के इस फैसले से तीनों देश नाराज हैं, वहीं पूरी दुनिया ट्रंप के इस फैसले को चिंतित है।

टैरिफ का पड़ेगा भारत पर असर?
सवाल है कि क्या तीन देशों पर लगे टैरिफ का असर भारत पर भी पड़ेगा? इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस सवाल का जवाब दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस घटना का असर भारत पर पड़ेगा तो उन्होंने कहा, हम नहीं जानते कि इसका हमारे लिए क्या परिणाम होगा। लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से हम पर असर हो सकता है। हम अभी नहीं जानते कि क्या होने वाला है। हम सतर्क रहेंगे, लेकिन हम इस समय यह अनुमान नहीं लगा सकते कि इसका हम पर क्या प्रभाव होगा। हालांकि, इस घटना से मैं चितिंत नहीं हूं।

वित्त मंत्री ने आगे कहा, “मैं भारत की स्थिति, भारत की अर्थव्यवस्था को विशेष रूप से तब देख रही हूं जब हम चाहते हैं कि भारत एक विनिर्माण केंद्र बने। हमारे पास अपने सेवा क्षेत्र में ताकत है, भारत में सॉफ्टवेयर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और STEM-आधारित शोधों के मामले में भारत की ताकत काफी बढ़ चुकी है।”

अनावश्यक टैरिफ से फायदा नहीं: वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण ने एक संतुलित टैरिफ दृष्टिकोण की आवश्यकता की ओर इशारा किया। आवश्यक आयातों में अनावश्यक टैरिफ लगाए बिना घरेलू उद्योगों की रक्षा की जाए। कई वस्तुएं हैं, जो भारत में उपलब्ध नहीं है, उन पर ज्यादा टैरिफ लगाने से हमारा फायदा नहीं होने वाला।

ट्रंप ने तीन देशों पर क्या लगाए टैरिफ?
यह फैसला अमेरिका की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और अवैध आप्रवासन व नशीले पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिए लागू करने के लिए लिया गया है। हालांकि, इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है क्योंकि महंगे आयात से सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

ट्रंप की कोशिश है कि अमेरिका में घरेलू उद्योगों को आयात प्रतिस्पर्धा से बचाया जाए। आशंका जताई जा रही है कि इस फैसले से पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे अमेरिका की महंगाई दर और बढ़ सकती है।

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