Google Analytics Meta Pixel
जनजाति संस्कृति एवं कला को संरक्षित रखने कलाकारों का योगदान महत्वपूर्ण:राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु

जनजाति संस्कृति एवं कला को संरक्षित रखने कलाकारों का योगदान महत्वपूर्ण:राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु

भोपाल : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज इंदौर प्रवास के दौरान मृगनयनी एंपोरियम में बुनकरों द्वारा हाथकरघा पर तैयार की गई रेशम एवं कॉटन की चंदेरी, महेश्वरी साड़ियों को देखा। इस दौरान उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के हस्तशिल्पी, बुनकरों एवं जनजाति कारीगरों से रूबरू चर्चा की और उनकी कला को सराहा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को कलाकारों ने अपने हाथों से निर्मित हस्तशिल्प भेंट भी किया। यह सभी कलाकार अपनी विधा में पारंगत हैं और राष्ट्रीय स्तर पर इनकी एक अलग ही पहचान है। राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर सभी कलाकार बहुत उत्साहित थे और उनसे मिलकर बहुत खुश हुए कि उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर आसीन श्रीमती मुर्मु से रु-ब-रु मिलने व चर्चा करने का अवसर मिला। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक एवं सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *