मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में वितरित होने वाली राशन सामग्री में प्रदेश में उत्पन्न होने वाले ज्वार, बाजरा, रागी जैसे श्रीअन्न को शामिल किया जाए। इसके लिए स्थानीय किसानों से अनाज लेने और प्रक्रिया में स्व-सहायता समूहों को जोड़ने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जिन्हें पर्ची जारी की गई है। वह योजना के लिए पात्र हैं या नहीं इसका भी सर्वे कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा सहित अधिकारी उपस्थित थे।