वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को कहा कि वह इस साल होने वाले चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार नहीं होंगे। बाइडन के राष्ट्रपति पद की रेस से हटने के ऐलान के साथ ही अमेरिका की राजनीति में एक ‘बदलाव’ आना तय हो गया है। अमेरिका में बीते करीब पांच दशक से हर राष्ट्रपति चुनाव में तीन नाम (सरनेम) जरूर शामिल रहे हैं। ये नाम हैं- बुश, क्लिंटन और बाइडन। 1976 के बाद हुए सभी इलेक्शन में ये नाम राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति पद के लिए मतपत्र पर दिखाई देते रहे हैं। ऐसा इस बार नहींम होने जा रहा है।
अमेरिका में 1976 के चुनाव के बाद इन नामों की एंट्री बैलेट पर हुई थी। साल 1980 में हुए चुनाव में रोनाल्ड रीगन और जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश चुनाव मैदान में थे। 1984 में भी ऐसा ही हुआ और इस चुनाव में रीगन प्रेसीडेंट और बुश उपराष्ट्रपति चुने गए। इसके बाद साल 1988 के इलेक्शन में बुश राष्ट्रपति बन गए। 1992 में जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश फिर से चुनाव मैदान में थे लेकिन वह बिल क्लिंटन से हार गए। बिल क्लिंटन 1996 में फिर लड़े और राष्ट्रपति चुने गए। इसके बाद भी बुश नाम राजनीति में छाया रहा। इसके बाद जॉर्ज डब्ल्यू बुश 2000 और 2004 में अमेरिका के राष्ट्रपति बने।