नई दिल्ली : यूपीएससी चेयरमैन मनोज सोनी के इस्तीफे के बाद विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर हो गया है। इस इस्तीफे ने कांग्रेस को बीजेपी पर हमला करने का एक मौका दे दिया है। सोनी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने व्यवस्था को दूषित किया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सोनी के इस्तीफे को एक महीने तक छिपाकर क्यों रखा गया और क्या इतने सारे घोटालों और इस्तीफ़े के बीच कोई संबंध है? पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल किया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी क्यों बचे हुए हैं?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से लग रहा था कि यूपीएससी के मौजूदा विवाद को देखते हुए सोनी को बाहर किया जाएगा। यूपीएससी के अध्यक्ष मनोज सोनी ने ‘निजी कारणों” का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सोनी का कार्यकाल मई 2029 में समाप्त होना था। खरगे ने ‘एक्स’ पर सरदार वल्लभभाई पटेल को उद्धृत करते हुए दावा किया, ‘भाजपा-आरएसएस व्यवस्थित रूप से भारत के संवैधानिक निकायों पर संस्थागत कब्ज़ा करने में लगी हुई हैं, जिससे इन संस्थाओं की प्रतिष्ठा, शुचिता और स्वायत्तता को नुकसान पहुंच रहा है।’