नई दिल्ली: जून में क्रूड ऑयल इंपोर्ट सालभर पहले के मुकाबले करीब 6% कम रहा, लेकिन इस पर खर्च 11% बढ़कर 11.1 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। देश में क्रूड ऑयल उत्पादन नहीं बढ़ पाने के साथ इस दौरान पेट्रोलियम उत्पादों का उपभोग बढ़ा, लेकिन देश में उनके उत्पादन में कमी दर्ज की गई। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 में आयात में मामूली कमी के बाद मौजूदा फाइनैंशल ईयर में अप्रैल से जून तक के 3 महीनों में क्रूड ऑयल इंपोर्ट सालभर पहले के मुकाबले 2.9% बढ़कर 6.2 करोड़ टन रहा। इसका इंपोर्ट बिल 19% बढ़कर 37.5 बिलियन डॉलर रहा।
आयात इस साल फरवरी से बढ़ रहा था और मई में रिकॉर्ड 2.18 करोड़ टन क्रूड इंपोर्ट किया गया। इस साल मई में सालभर पहले के मुकाबले 5.7% अधिक इंपोर्ट किया गया था। मई के मुकाबले जून में इंपोर्ट करीब 15% घटकर 1.85 करोड़ टन रहा। यह जून 2023 के मुकाबले भी 5.6% कम रहा।