नई दिल्ली: डोडा में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के कैप्टन समेत पांच सुरक्षाबलों के शहीद हो गए। आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के शैडो संगठन ‘कश्मीर टाइगर्स’ ने इसकी जिम्मेदारी ली है। सिक्योरिटी एजेंसियों का कहना है कि इसके पीछे पाकिस्तान की सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। एजेंसियों का कहना है कि असल में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के अंडर में काम करने वाले कश्मीर टाइगर्स में कोई कश्मीरी नौजवान शामिल नहीं हैं। बल्कि इसमें सारे पाकिस्तानी हैं। पाकिस्तान के एसएसजी यानी स्पेशल सर्विस ग्रुप से रिटायर्ड कमांडो भी शामिल हैं जो हमले के दौरान पॉइंट ब्लैंक जैसा निशाना साधने में माहिर हैं।