इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने खुद को कंगाली से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सामने घुटने टेक दिए हैं। इस समझौते के बाद पाकिस्तान की जनता के ऊपर भारी बोझ पड़ने वाला है। पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष 7 अरब डॉलर के विस्तारित निधि सुविधा (EFF) कार्यक्रम के लिए स्टाफ स्तर के समझौते पर पहुंच गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएफ ने तीन साल राहत पैकेज कार्यक्रम के बारे में तभी घोषणा की जब पाकिस्तान ने उसकी सभी प्रमुख मांगों को मानने पर सहमति जताई। आईएमएफ की मांगों में पाकिस्तानी जनता को कोई रियायती सुविधा न देना शामिल है।
पाकिस्तान ने आईएमएम के सामने पाकिस्तान संप्रभु धन कोष के मामलों में पारदर्शिता लाने और विशेष निवेश सुविधा परिषद द्वारा संचालित परियोजनाओं को कोई तरजीही उपचार देना बंद करने पर सहमति व्यक्त की। पाकिस्तान की संघीय और प्रांतीय सरकारें अपने खर्च को 18वें संवैधानिक संशोधन के अनुरूप करने के लिए एक नए राजकोषीय समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगी।