रायपुर: छत्तीसगढ़ में गुरुवार देर रात एक आदेश जारी हुआ। इस आदेश के बाद राज्य में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया। इसके साथ ही उस सवाल का भी जवाब मिल गया जो भूपेश बघेल ने सीएम विष्णुदेव साय से किया था। सीनियर नेता बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद अटकलें थी कि विष्णुदेव साय कैबिनेट का विस्तार जल्द हो सकता है, लेकिन अब इस पर विराम लग गया है। 22 जुलाई से राज्य का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र के पहले राज्य में कैबिनेट विस्तार की अटकलें थीं।
दरअसल, सीएम साय ने छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप को संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी है। पहले यह विभाग बृजमोहन अग्रवाल के पास था। रायपुर लोकसभा सीट से सांसद बनने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा की सदस्यता और राज्य कैबिनेट के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। गुरुवार देर रात जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केदार कश्यप को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ संसदीय कार्य विभाग का प्रभार भी आवंटित किया गया है।