देश में एक जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के उठाए सवालों का सिलसिलेवार जवाब दिया। उन्होंने नए कानूनों से पुलिसराज स्थापित होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ये कानून पीडि़तों के हितों की रक्षा करने वाले हैं। एफआइआर दर्ज होने के दिन से तीन साल के अंदर पीडि़तों को न्याय मिलेगा। फरियादियों को अदालतों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। मुकदमों का बोझ भी कम होगा। नब्बे प्रतिशत केस में दोष सिद्धि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अब दंड की जगह न्याय लेगा, देरी की जगह स्पीडी ट्रायल और स्पीडी जस्टिस मिलेगा। पहले सिर्फ पुलिस के अधिकारों की रक्षा की गई थी, अब पीडि़तों और शिकायतकर्ता के अधिकारों की रक्षा होगी।