रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने भारतीय नौसेना के लिए मध्यम दूरी के माइक्रोवेव ऑब्स्क्यूरेंट चैफ रॉकेट (MR-MOCR) विकसित किया है। जोधपुर की लैब में विकसित यह रॉकेट बुधवार को नौसेना में शामिल किया गया। यह एक ऐसी तकनीक है जो दुश्मन के रडार में संकेतों को अस्पष्ट करती है। यह फायर किए जाने के बाद प्लेटफार्मों और परिसंपत्तियों के चारों ओर माइक्रोवेव शील्ड बनाती है और रडार की पकड़ में आने की आशंका को कम करती है।
इस रॉकेट को दागे जाने पर यह पर्याप्त समय के लिए पर्याप्त क्षेत्र में फैले अंतरिक्ष में माइक्रोवेव अस्पष्ट बादल बनाता है। इस प्रकार रेडियो फ्रीक्वेंसी पकड़ने वाले शत्रुतापूर्ण खतरों के विरुद्ध यह एक प्रभावी कवच का निर्माण करता है। मध्यम दूरी तक मार करने वाले इस माइक्रोवेव ऑब्स्क्यूरेंट चैफ रॉकेट (MR-MOCR) को DRDO ने विकसित किया है।