नई दिल्ली: हालिया लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद देश की सियासत में बदले सियासी समीकरणों की झलक सोमवार को लोकसभा में बखूबी और काफी पुख्ता नजर आई। सदन में जहां इस बार खासी संख्याबल के साथ सदन में जगह बनाने में कामयाब हुआ विपक्ष पहले दिन के शुरू से ही मुस्तैद व आक्रामक नजर आया, वहीं उसने अपने तेवरों से साफ कर दिया कि वह मुद्दों को लेकर सरकार या सत्तापक्ष के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं दिखाने वाला। 17वीं लोकसभा में महज दो बैंचों तक सिमटे विपक्ष का फैलाव अब चौथे बैंच की सीटों तक हो चुका था। सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच अपनी अपनी ताकत व रणनीति का अहसास कराने के लिए जिस तरह से दोनों पक्षों के नेताओं ने सीटें संभाली, वह भी काफी हद तक दोनों पक्षों की रणनीति व इरादों को साफ कर रहा था। गौरतलब है कि पहले दिन जहां विपक्ष सदन में काफी मुस्तैद व मुखर नजर आया, तो वहीं सत्तापक्ष अपेक्षाकृत शांत और संयमित दिखता लगा। एक दो सांसदों को छोड़ दें, बीजेपी के बेंच पर ज्यादातर सांसद शांत दिखे।