Google Analytics Meta Pixel
नि:शक्त एवं वृद्ध गायों के लिए गौशाला जरूरी, पशुपालन को बढ़ावा देना भी आवश्यक- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नि:शक्त एवं वृद्ध गायों के लिए गौशाला जरूरी, पशुपालन को बढ़ावा देना भी आवश्यक- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कृषि के साथ पशुपालन विकास के लिए कृषकों और पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जाए। गौवंश के सम्मान और सुरक्षा के लिए सभी उपाय किए जाएं। निशक्त और वृद्ध गायों के लिए गौशालाएं संचालित करने के साथ पशुपालन विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग संबंधित विभागों के सहयोग से बेहतर परिणाम लाने के लिए इस दिशा में आगे बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में बैठक के दौरान गौवंश रक्षा तथा दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए।

राजमार्गों पर बैठने वाले गौवंश और अन्य मवेशियों के लिए हाइड्रोलिक वाहन व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से पशुपालकों की आय बढ़ेगी। गुजरात एवं अन्य प्रांतों में लागू व्यवस्था का अध्ययन कर मध्यप्रदेश में अधिक प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्षाकाल में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण एवं किसानों द्वारा खुले में छोड़े गए गौवंश से सड़क दुर्घटनाओं की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। राजमार्गों पर गौवंश की उपस्थिति से यातायात से जुड़ी समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि प्रदेश में प्रथम चरण में रायसेन, विदिशा, सीहोर, देवास, राजगढ़ आदि जिलों का चयन कर हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल को टोल व्यवस्था के साथ जोड़कर इस समस्या के समाधान का कदम उठाया है। इसके लिए आवश्यक वाहन व्यवस्था की गई है। यह वाहन गौवंश को निकट की गौशाला में टोल नाका संचालक एवं अन्य निकाय की मदद से ले जाएंगे। शीघ्र ही अन्य जिलों के लिए भी इस सुविधा का विस्तार होगा। विभाग द्वारा चलित पशु चिकित्सा इकाई (टोल फ्री नंबर 1962) संचालित है, जिसके माध्यम से पशुओं को फर्स्ट-एड सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुनादी द्वारा पशुपालकों और किसानों को अपने मवेशी सड़क पर न छोड़ने की सलाह दी जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *