नई दिल्ली: सोमवार को नागपुर में ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-2’ के समापन में संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण की काफी चर्चा हुई। इसमें उन्होंने ‘जो काम करें पर मैंने किया इसका अहंकार ना पालें, वही सही सेवक है’, ‘विरोधी की जगह प्रतिपक्ष कहना चाहिए’ ‘मणिपुर एक साल से शांति की राह देख रहा है’ जैसी कई बातें कहीं। ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-2’ क्या है और ये संघ के लिए क्यों अहम है?