राष्ट्रीय लोक दल मुखिया जयंत चौधरी को यूपी से नया सियासी चौधरी बनाकर भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। जयंत को यूपी से बड़े जाट चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके जरिए हरियाणा और राजस्थान को साधने की तैयारी हो रही है। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि एनडीए में जुड़ने से जयंत का बहुत फायदा हुआ है। 2014 में मोदी लहर के कारण इनकी पार्टी का खाता भी नहीं खुला था। 2019 में भी वह सपा-बसपा गठबंधन में रहते हुए अपनी सीटें हार गए। जयंत को बागपत और अजीत सिंह को मुजफ्फरनगर सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। 2021 में पिता अजीत सिंह के निधन के बाद जयंत ने रालोद की कमान संभाली।